अभिषेक उर्फ पिंकू माहेश्वरी के खिलाफ BNS की धारा 296 एवं 351(3) के तहत प्राथमिकी दर्ज, आदिवासी समाज में आक्रोश
पसान/कोरबा। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोंगपा) युवा मोर्चा छत्तीसगढ़ के प्रदेश सचिव एवं सामाजिक कार्यकर्ता मनोज कुमार मरावी को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी देने तथा गाली-गलौज करने का मामला सामने आया है। इस मामले में अभिषेक उर्फ पिंकू माहेश्वरी के खिलाफ थाना पसान में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296 एवं 351(3) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। घटना की जानकारी सामने आने के बाद क्षेत्र के आदिवासी समाज एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है।
जान से मारने की धमकी देने का आरोप

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मनोज कुमार मरावी गोंडवाना गणतंत्र पार्टी युवा मोर्चा छत्तीसगढ़ में प्रदेश सचिव के पद पर कार्यरत हैं और क्षेत्र में सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहते हैं। आरोप है कि अभिषेक उर्फ पिंकू माहेश्वरी ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए जान से मारने तथा उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाने जैसी धमकी दी।
इस घटना को गंभीरता से लेते हुए मामले में पुलिस के समक्ष शिकायत की गई, जिसके बाद संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
BNS की धारा 296 एवं 351(3) के तहत प्राथमिकी दर्ज
मामले में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 296 एवं 351(3) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। धारा 296 सार्वजनिक स्थान पर अश्लील कृत्य या अश्लील शब्दों के प्रयोग से संबंधित है, जबकि धारा 351(3) मृत्यु या गंभीर चोट जैसी धमकी सहित उसमें वर्णित गंभीर आपराधिक धमकियों से संबंधित है।
प्रकरण में आरोपों की सत्यता, घटना की परिस्थितियों तथा अन्य तथ्यों का निर्धारण पुलिस की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से होगा।
आदिवासी समाज में नाराजगी, निष्पक्ष कार्रवाई की मांग
इस घटना को लेकर आदिवासी समाज के लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में नाराजगी की बात सामने आ रही है। समाज के लोगों का कहना है कि किसी भी नागरिक को धमकी देकर भयभीत करना या गाली-गलौज के माध्यम से दबाव बनाने का प्रयास करना उचित नहीं है।
यदि किसी व्यक्ति को जान से मारने की धमकी दी जाती है, तो मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को निष्पक्ष जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।
सामाजिक कार्यकर्ता के साथ ऐसी घटना, आम नागरिकों की सुरक्षा पर भी सवाल
मनोज कुमार मरावी के साथ कथित धमकी की घटना को लेकर क्षेत्र में नागरिकों की सुरक्षा का मुद्दा भी चर्चा में है। लोगों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना और प्रत्येक नागरिक को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
यदि किसी व्यक्ति को धमकी मिलने की शिकायत है, तो उसकी सुरक्षा संबंधी आशंकाओं पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। इस मामले में भी पुलिस प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि वह तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई करे तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए।
पुलिस की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अब पुलिस की आगे की जांच और कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। क्षेत्र के लोगों की अपेक्षा है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच कर कानून के अनुरूप कदम उठाए जाएं।
तत्काल कार्यवाही नहीं होने पर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी करेगा आंदोलन
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी जिला अध्यक्ष कोरबा विद्वान सिंह मरकाम जी ने कहा कि यदि पुलिस प्रशासन इस संबंध में तत्काल संज्ञान लेकर उचित कार्यवाही नहीं करती है तो गोंडवाना गणतंत्र पार्टी आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

